चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना (चिरेका), जो दुनिया की एक प्रमुख रेलवे लोकोमोटिव निर्माता हैं, भारतीय रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाई रही है। चिरेका विद्युत इंजनों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने, रेल यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करने में अग्रणी रहा है। इस प्रकार चिरेका, भारतीय रेलवे को विद्युत लोकोमोटिव उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख प्रेरक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चिरेका अपनी स्थापना के बाद से विभिन्न वर्ग के 12000 से अधिक इंजनों का निर्माण किया है जिसमें 2351 भाप इंजनों (1950-1968), 842 डीजल इंजनों (1968-1993) और सन 1961 से विभिन्न प्रकार के 9105 विद्युत इंजीनें शामिल हैं। भारतीय रेल द्वारा द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी विद्युत लोकोमोटिव का लगभग 90% चिरेका की असेंबली लाइनों से आया है।
चि रे का को वर्ष 2023-24 के लिए रे डी का के साथ भारतीय रेल की सर्वश्रेष्ठ उत्पादन इकाई घोषित किया गया है और 21 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में 69वें रेलवे सप्ताह केंद्रीय समारोह-अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के दौरान माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा सर्वश्रेष्ठ उत्पादन इकाई शील्ड 2024 प्रदान की गई।
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