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पुस्तकालय

 

* राजभाषा विभाग आप का स्वागत करता है .....*

 

हिंदी प्रोत्साहन एवं पुरस्कार योजनाएं

1.  हिंदी परीक्षाएं -  हिंदी प्रशिक्षण के लिए प्रबोध, प्रवीण और प्राज्ञ एवं पारंगत पाठ्यक्रम है । इन पाठयक्रमों की अवधि 5-5 महिनों की है । ये पाठयक्रम पूर्णकालिक हैं और इन्हें नियत कार्य दिवसों में पूरा किया जाता है । पाठ्यक्रम की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाते हैं तथा विशेष योग्यता के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने पर निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है :-  

                                                                                 प्रवीण                         प्राज्ञ                        पारंगत *

70% से अधिक अंक प्राप्त करने पर                              1800/- रुपए          2400/- रुपए               10,000/- रुपए

60% से 69% तक अंक प्राप्त करने पर                         1200/- रुपए          1600/- रुपए                 7,000/- रुपए

55% से 59% तक अंक प्राप्त करने पर                          600/- रुपए             800/- रुपए                 4,000/- रुपए

* गृह मंत्रालय के निदेशानुसार पारंगत पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त अधिकारियों/ कर्मचारियों को दिया जाता है।

वैयक्तिक वेतन – हिन्दी भाषा की परीक्षाएँ उत्तीर्ण करने पर केंद्र सरकार के अधिकारियों/कर्मचारियों को 12 महीने की अवधि के लिए एक वेतन वृद्धि के बराबर का वैयक्तिक वेतन दिया जाता है। वैयक्तिक वेतन केवल उन्हीं राजपत्रित अधिकारियों/ अराजपत्रित कर्मचारियों को प्राज्ञ परीक्षा उतीर्ण करने पर दिया जाता है , जिनके लिए प्राज्ञ पाठ्यक्रम अंतिम पाठ्यक्रम के रूप में निर्धारित किया गया है। पारंगत परीक्षा उतीर्ण करने पर वैयक्तिक वेतन वृद्धि देय नहीं है।

 2.  हिंदी टंकण एवं हिंदी आशुलिपि परीक्षा विशेष योग्यता से पास करने पर नकद पुरस्कार -

हिंदी टंकण /आशुलिपि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों को हिंदी टंकण और हिंदी आशुलिपि में कौशलता प्रदान करना है ताकि वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के टंकण और आशुलिपि में दक्षता प्राप्त कर सकें । सफल प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाते हैं तथा विशेष योग्यता के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने पर निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है :-

            हिंदी टंकण                                                                पुरस्कार राशि

90% से 94% तक अंक प्राप्त करने पर                                          800/-   रुपए

95% से  96% तक अंक प्राप्त करने पर                                        1600/- रुपए

97%  या इससे अधिक  अंक प्राप्त करने पर                                   2400/- रुपए

हिंदी टंकण की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 12 महीने के लिए एक वेतन वृद्धि, जो आगामी वेतन वृद्धि में मिला दी  जाती है, के बराबर वैयक्तिक वेतन दिया जाता है।

हिंदी आशुलिपि                                                             पुरस्कार राशि

88% से 91% तक अंक प्राप्त करने पर                                800/- रुपए

92% से  94%¸ तक अंक प्राप्त करने पर                             1600/- रुपए

95%  या इससे अधिक  अंक प्राप्त करने पर                         2400/- रुपए

अराजपत्रित हिंदी भाषी आशुलिपिकों को हिंदी आशुलिपि की परीक्षा उतीर्ण करने पर 12 महीने के लिए एक

वेतन वृद्धि, जो आगामी वेतन वृद्धि में मिला दी जाती है, के बराबर वैयक्तिक वेतन दिया जाता है|

जिन आशुलिपिकों (राजपत्रित/अराजपत्रित दोनों) की मातृभाषा हिंदी नहीं है, उन्हें हिंदी आशुलिपि परीक्षा उत्तीर्ण करने पर दो वेतन वृद्धियों के बराबर  वैयक्तिक वेतन दिया जाता है| ये वेतन वृद्धियां भावी वेतन वृद्धियों में मिलाई जाएँगी| ऐसे कर्मचारी पहले वर्ष दो वेतन वृद्धियों के बराबर और दूसरे वर्ष पहली वेतन वृद्धि को मिला दिए जाने पर केवल एक वेतन वृद्धि के बराबर वैयक्तिक वेतन प्राप्त कर सकते हैं|

3. आशुलिपिकों/टाइपिस्टों को देय प्रोत्साहन भत्ता - अंग्रेजी के अतिरिक्त हिंदी टाइपिंग/हिंदी आशुलिपि का कार्य करने वाले अंग्रेजी टंकक/आशुलिपिकों को क्रमशः160/- रुपए तथा 240/- रुपए हिंदी प्रोत्साहन भत्ता प्रतिमाह की दर से दिया जाता है।

 4. हिंदी में डिक्टेशन देने वाले अधिकारियों को देय पुरस्कार - इस योजना के अंतर्गत हिंदी में डिक्टेशन देने वाले एक हिंदी भाषी और एक हिंदीतर भाषी रेल अधिकारी को प्रतिवर्ष निम्नानुसार नकद पुरस्कार दिए जाते हैं             

हिंदी डिक्टेशन पुरस्कार                  शब्द सीमा                   राशि

क एवं ख क्षेत्र                                20,000                          5000/- रुपए

ग क्षेत्र                                         10,000                            5000/- रुपए

5. रेल मंत्री हिंदी निबंध प्रतियोगिता -  इस योजना का उद्देश्य रेल कर्मचारियों को रेल संचालन और प्रबंधन संबंधी विषयों पर निबंध लेखन के प्रति प्रेरित करना है । निबंध 2500 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए। योजना के अंतर्गत राजपत्रित अधिकारियों और अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए अलग-अलग निम्नलिखित पुरस्कार निर्धारित हैं :- 

प्रथम पुरस्कार 6000/- रुपए (राजपत्रित तथा अराजपत्रित के लिए एक-एक )

द्वितीय पुरस्कार 4000/- रुपए (राजपत्रित तथा अराजपत्रित के लिए एक-एक)

6मूल हिंदी टिप्पण एवं प्रारुप लेखन पुरस्कार योजना - सरकारी कामकाज में वर्ष के दौरान 20 हजार या अधिक शब्द हिंदी में लिखने वाले कर्मचारी इस योजना में भाग लेने के पात्र हैं और प्रत्येक विभाग /यूनिट को दस पुरस्कार दिए जा सकते है :-

 प्रथम पुरस्कार (दो)                      5000/- रुपए (प्रत्येक )

 द्वितीय पुरस्कार(तीन)                    3000/- रुपए (प्रत्येक)

 तृतीय पुरस्कार(पांच)                    2000/- रुपए (प्रत्येक)

7हिंदी निबंध और वाक् प्रतियोगिताएं - रेल कार्यालयों में राजभाषा प्रयोग-प्रसार बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं । इसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करनेवाले अधिकारियों/कर्मचारियों को निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है :-

                                           क्षेत्रीय स्तर पर                            अखिल भारतीय स्तर पर

      प्रथम पुरस्कार                    2000/- रुपए                                   5000/- रुपए

      द्वितीय पुरस्कार                  1600/- रुपए                                   4000/- रुपए

      तृतीय पुरस्कार                    1200- रुपए                                    3000/- रुपए

      सांत्वना पुरस्कार                  800/- रुपए (तीन)                            2500/- रुपए (पांच)

8हिंदी टिप्पण एवं प्रारुप लेखन प्रतियोगिता छ :-

यह प्रतियोगिता अखिल भारतीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है । इसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करनेवाले कर्मचारियों को निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है।

                                             क्षेत्रीय स्तर पर                        अखिल भारतीय स्तर पर

प्रथम पुरस्कार                         2000/- रुपए                             5000/- रुपए

द्वितीय पुरस्कार                       1600/- रुपए                              4000/- रुपए

तृतीय पुरस्कार                        1200 रुपए                                3000/- रुपए

सांत्वना पुरस्कार                     800/- रुपए (तीन)                       2500/- रुपए ( पांच)

9रेल मंत्री राजभाषा शील्ड/ट्रॉफी पुरस्कार योजना -  इस योजना के तहत रेल मंत्रालय द्वारा ’क’, ’ख’ तथा ’ग’ क्षेत्र में स्थित प्रधान कार्यालयों /मंडलों तथा उत्पादन कारखानों को राजभाषा में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने हेतु अलग-अलग शील्ड, ट्रॉफी तथा चल वैजयंती प्रदान की जाती है । चुने गए सर्वश्रेष्ठ आदर्श स्टेशन/कारखाना को शील्ड के साथ-साथ 7000/-, 7000/- रुपए की नकद राशि भी प्रदान की जाती है, जिसे कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच समान रूप से वितरित किया जाता है ।

10चिरेका राजभाषा व्यक्तिगत पुरस्कार -  इस योजना के अंतर्गत वर्ष में चार बार होने वाली राकास की बैठक में तिमाही के दौरान हिंदी में प्रशंसनीय कार्य करनेवाले 5 रेल कर्मियों को पुरस्कृत किया जाता है और देय पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

11रेल मंत्री व्यक्तिगत पुरस्कार -  इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष हिंदी में प्रशंसनीय कार्य करनेवाले 3 (तीन) रेल कर्मियों को पुरस्कार राशि 3000/- रुपए प्रत्येक को प्रदान की जाती है। इसमें चिरेका से एक(1) अधिकारी एवं 2(दो) कर्मचारियों को प्रतिवर्ष पुरस्कृत किया जाता है।

12.  लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक पुस्तक लेखन योजना तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तकें लिखने के लिए -  रेल तकनीकी विषयों पर हिंदी में मौलिक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना लागू  की है। पुस्तक का विषय रेल संचालन या रेल प्रबंध से संबंधित होता है। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है ।

प्रथम पुरस्कार                    (एक)  20,000/- रुपए

द्वितीय पुरस्कार                  (एक)  10,000/- रुपए                                              

तृतीय पुरस्कार                   (एक)  7,000/- रुपए                                              

13प्रेमचन्द पुरस्कार एवं मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार योजना -  रेल कर्मियों की साहित्यिक प्रतिभा और अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने कथा संग्रह /उपन्यास और कहानी पुस्तक लेखन पर प्रेमचन्द पुरस्कार एवं काव्य संग्रह के लिए मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार योजना लागू की है । पुस्तक लेखक की मौलिक कृति होनी चाहिए और पहले कहीं से पुरस्कृत न हो । किसी अन्य भाषा से ली गई अनूदित अथवा सम्पादित पुस्तकों पर विचार नहीं किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत एक लेखक को लगातार दो वर्ष तक पुरस्कृत नहीं किया जाता है।

   प्रथम पुरस्कार                    (एक)  20,000/- रुपए

  द्वितीय पुरस्कार                  (एक)   10,000/- रुपए                                              

  तृतीय पुरस्कार                   (एक)   7,000/- रुपए  

14रेल यात्रा वृत्तांतों पर पुरस्कार - आम लोगों और रेल कर्मियों के रेल यात्राओं संबंधी अनुभव के आधार पर प्रत्येक कलेंडर वर्ष में पाए गए सर्वोत्तम यात्रा वृत्तांत के लिए निम्नानुसार नकद पुरस्कार प्रदान किए जाते है :-

प्रथम पुरस्कार                    (एक) 10,000/- रुपए

द्वितीय पुरस्कार                  (एक) 8,000/- रुपए                                               

तृतीय पुरस्कार                   (एक) 6,000/- रुपए  

प्रेरणा पुरस्कार                    (पांच) 4,000/-रुपए  

16राजभाषा गौरव मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना (केंद्र सरकार के कार्मिकों के लिए)

केन्द्रीय सरकार में सेवारत या सेवानिवृत्त कार्मिकों को हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए नगद पुरस्कार दिए जाते हैं| पुरस्कारों के लिए मूल्यांकन सचिव, राजभाषा विभाग के अनुमोदन से गठित एक समिति द्वारा किया जाता है जिसमें विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य,विद्वान् भी शामिल किये जाते हैं| पुस्तक लेखन पुरस्कार की राशि निम्न प्रकार हैं

प्रथम पुरस्कार :               1,00,000 रु. प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

द्वितीय पुरस्कार                  75,000 . प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

तृतीय  पुरस्कार                  60,000. प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

प्रोत्साहन पुरस्कार               30,000. प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

 17राजभाषा गौरव ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना (सभी नागरिकों के लिए)

यह योजना आधुनिक ज्ञान-विज्ञान की विभिन्न विधाओं पर हिंदी में मौलिक लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है| इस योजना में देश का कोई भी नागरिक भाग ले सकता है|  पुरस्कारों के लिए मूल्यांकन सचिव, राजभाषा विभाग के अनुमोदन से गठित एक समिति द्वारा किया जाता है जिसमें विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त गैर सरकारी सदस्य/विद्वान भी शामिल किये जाते हैं| योजना के अंतर्गत निम्नलिखित राशियों के 13 नगद पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है:

प्रथम पुरस्कार (एक)                                   2,00,000/- रुपए   प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

द्वितीय पुरस्कार (एक)                                 1,25,000/- रुपए   प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

तृतीय  पुरस्कार (एक)                                 75,000/-   रुपए  . प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह

प्रोत्साहन पुरस्कार(दस)                              10,000/-    रुपए   प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रत्येक को

18. राजभाषा गौरव उत्कृष्ट लेखों के लिए पुरस्कार योजना (केंद्र सरकार के कर्मिकों के लिए)

केंद्र की नीति के अनुसार सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी का प्रयोग प्रेरणा, प्रोत्साहन एवं सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएँ लागू की गई हैं| इसी के अंतर्गत केंद्र सरकार के अधिकरियों/कर्मचारियों द्वारा पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित उत्कृष्ट लेखों के लेखकों हेतु एक पुरस्कार योजना शुरू की गई है| इस योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट लेख के लेखकों को दो वर्गों, हिंदी और हिंदीतर, में तीन-तीन पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं।

                                             हिंदी भाषी                                      हिंदीतर

प्रथम पुरस्कार                    (एक)  20,000/- रुपए                        (एक)  25,000/- रुपए

द्वितीय पुरस्कार                  (एक)  18,000/- रुपए                        (एक)  22,000/- रुपए  

तृतीय पुरस्कार                   (एक)   15,000/- रुपए                       (एक)   20,000/-रुपए

 

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एक संक्षि‍प्‍त परि‍चय

                                    चितरंजन/चिरेका के अंतर्गत विभागों कार्यालयों में कुल 12 “हिंदी पुस्तकालय” स्थापित है। रेल जैसे विशाल संगठन के कर्मचारियों में साहित्यिक अभिरुचि उत्पन्न करने व काम काज की व्यस्तता से बोझिल मन को सुकून प्रदान करने के साथ-साथ राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को ध्यान में रखते हुए, इन हिंदी पुस्तकालयों का गठन किया गया है जिनका विवरण निम्नानुसार है।

                                 चिरेका के हिंदी पुस्तकालयों की सूची    

क्रम सं.

पुस्‍तकालय का नाम/कार्यालय

 पुस्तकाध्यक्ष का नाम

संपर्क संख्या

  समय

1.

तुलसी दास सामान्य पुस्‍तकालय/ महाप्रबंधक.कार्या.

श्री बृज लाला प्रसाद       (अंशकालिक)

8927463469

11.30 से 18.30  बजे

2.

देवकीनंदन खत्री हिंदी पुस्तकालय, अधिकारी क्‍लब

बीरेंद्र  कुमार (अंशकालिक)

7001846863

 18.00 से 19.00 बजे

3.

सुमित्रानंदन पंत हिंदी पुस्‍तकालय, इस्पात फॉउन्ड्री

 श्री राजीव कुमार सिंह (अंशकालिक) 

40736, 8969111067

 11.30 से 12.30 बजे

4.

फणीश्‍वर नाथ रेणु हिंदी पुस्‍तकालय,भंडार(चित्तरंजन)

श्री बृज नंदन प्रसाद   
(अंशकालिक)

8250644492

 16.00 से 17.00 बजे

5.

बंकिम चन्‍द्र चट्टोपाध्‍याय हिंदी पुस्‍तकालय /के.वि.गृह

श्री अरूण कुमार सिंह (अंशकालिक) 

40270

 16.00 से 17.00 बजे

6.

कबीर दास हिंदी पुस्‍तकालय, चिकित्‍सा विभाग

श्री पी.के. सिंह
(अंशकालिक)

41051

 15.00 से16.00 बजे

7.

महादेवी वर्मा हिंदी पुस्‍तकालय,      सुरक्षा विभाग

रजनीकांत यादव
(अंशकालिक)

40486   8420043485

 

8.

प्रेमचंद हिंदी पुस्‍तकालय,      इंजीनियरी विभाग

श्री सुमन मुखर्जी
(अंशकालिक)

9343504316

 16.00 से 17.00 बजे

9.

अज्ञेय हिंदी पुस्‍तकालय, डी एंड डी केन्‍द्र

श्री मुकेश प्रसाद
(अंशकालिक)

40447

 17.00 से 18.00 बजे

10.

गुरूदेव रवीन्‍द्रनाथ ठाकुर हिंदी पुस्‍तकालय, त.प्र.केन्‍द्र

 श्री जे. कुण्‍डु
(अंशकालिक)

40940

 11.30 से 12.30 बजे

11.

जयशंकर प्रसाद हिंदी पुस्‍तकालय कारखाना कार्या.

श्री शरत चन्द्र महतो
(अंशकालिक)

9163340466

16.00 से 17.00 बजे

12.

शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय हिंदी पुस्तकालय, डानकुनी

श्री प्रबीर तलापत्र
(अंशकालिक)

7029600036

 13.30 से 14.30 बजे

                             

नियमावली-

1. पाठक को पुस्तकालय से एक बार में अधिकतम दो ही पुस्तकें दी जायेगी तथा 15 दिनों के अन्दर पुस्तकें लौटा देनी होगी।

2. नई पत्रिकाएँ 15 दिनों के उपरांत जारी की जाएगी एवं एक बार में दो ही प्रदान की जाएगी। 7 दिनों के अन्दर पत्रिकाएँ लौटा देनी होगी।

   3. पुस्तकें सावधानी पूर्वक प्रयोग में लायी जानी चाहिये तथा ले जाने की दशा में लौटायी जानी चाहिये। पुस्तक अच्छी दशा में  न होने पर उसे निर्गमन नहीं करने का अधिकार पुस्तकाध्यक्ष को  प्राप्त है।

   4. प्रत्येक सदस्य को सदस्यता समाप्त कराते समय या सेवा-निवृत्त  होते समय एक अदेयता (No dues) प्रमाण-पत्र पुस्तकाध्यक्ष से लेना पड़ेगा अन्यथा बकाया राशि निकलने पर उसके वेतन या देय रकम से काट ली जायेगी।

 5. नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में पुस्तकाध्यक्ष को सदस्यता समाप्त करने का पूर्ण अधिकार है।

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हिंदी पुस्तकालय नामांकन -प्रपत्र

मेरे द्वारा किसी पत्रिका या पुस्तक इत्यादि के  खो जाने पर या किसी प्रकार की क्षति होने पर पुस्तकाध्यक्ष द्वारा निर्धारित मूल्य (विविध लेखा शीर्ष सं. 02/194/81 के मद में) चुकता करने का मैं वचन देता हूँ। यदि मैं मूल्य चुकता करने में असफल होऊं तो उसे मेरे (क) वेतन अथवा दूसरे हिसाबों से (ख)प्रशासन द्वारा उपयुक्त पाये गये अन्य साधनों से काट लिया जाय।

 पुस्तकालय के निम्नलिखित सभी नियमों को मैंने भलीभांति पढ़ लिया है तथा मैं इन नियमों का सही ढ़ग से पालन करूंगा।

 

   दिनांक  -------------                                                                     आवेदक  का हस्ताक्षर 

 

  प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त तथ्य सही है।

                                                                                                 

 

                    नियंत्रण अधिकारी के हस्ताक्षर

                                                                                              पद तथा कार्यालय मुहर

 

            पुस्तकाध्यक्ष का हस्ताक्षर

 

             
 

 

 



Source : Welcome to CLW Official Website ! CMS Team Last Reviewed on: 16-07-2022  

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