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चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दिनांक 30.06.2021 को आयोजित 144वीं बैठक का कार्यवृत्त

 

महाप्रबंधक/चिरेका की अध्यक्षता में चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 144वीं बैठक दिनांक 30.06.2021 को 11.30 बजे प्रशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में महाप्रबंधक महोदय के अलावा केवल प्रधान विभागाध्यक्षों ने ही भाग लिया। शेष अधिकारियों ने विडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। राजभाषा अधिकारी डॉ. मधुसूदन दत्त ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की।

       143.1   मुराधि का संबोधन

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री रवि शेखर सिन्हा ने सर्वप्रथम समिति को सूचित किया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से चिरेका को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड/ट्रॉफी तथा चल वैजयंती पुरस्कार योजना-आधार वर्ष 2018 के अंतर्गत हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रथम पुरस्कार हेतु चुना गया है। समिति के सदस्यों द्वारा ताली बजाकर खुशी का इजहार किया गया। मुराधि ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको गृह मंत्रालय द्वारा विभिन्न मदों हेतु निर्धारित किए गए लक्ष्यों के अनुसार कार्य करना है और निर्धारित लक्ष्यों से भी आगे बढ़ना है। यह हम सबकी नैतिक जिम्मेवारी है कि राजभाषा हिंदी में हम स्वयं कार्य करें और अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को भी हिंदी में अधिक से अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित करें।

        143.2    निर्धारित प्रयोजनों में हिंदी-अंग्रेजी का प्रयोग

143.2.1  धारा 3(3) का अनुपालन

दिसम्बर, 20 एवं मार्च, 21 की तिमाही के दौरान क्रमशः  2713 एवं 2706 प्रलेख जारी किए गए जो सभी द्विभाषी में थे । निष्पादन लक्ष्य के अनुरूप100% रहा है। सभी सदस्यों से इस लक्ष्य को बनाए रखने का अनुरोध किया गया।

(कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/ नामित अधिकारी)

         143.2.2  हिंदी  में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में

दिसम्बर, 20 तिमाही में कुल 166 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें से 56 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया, शेष 110 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। इसी प्रकार मार्च, 21 तिमाही में कुल 123 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें 62 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया, शेष 61 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। राधि ने कहा कि हिंदी में प्राप्त पत्रों का हिंदी में उत्तर देने का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त है। इस लक्ष्य को बनाए रखने के लिए सभी विभाग प्रयास जारी रखेंगे ।

                                                       (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

       143.2.3  मूल पत्राचार

चिरेका "ग" क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। हिंदी में मूल पत्राचार का लक्ष्य 55% है। राधि ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि दिसम्बर और मार्च तिमाही में हमने लक्ष्य के अनुसार पत्राचार किया है, तथापि सभी से अनुरोध किया जाता है कि अधिक से अधिक मूल पत्राचार हिन्दी में करने का यथासंभव प्रयास किया जाए।

                         (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

       143.3  रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष / फाइल कवरों पर विषय आदि

चिरेका के अधिकांश विभागों में प्रयुक्त रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष /फाइल कवरों पर विषय आदि  द्विभाषी में हैं । राधि ने बताया कि राजभाषा निरीक्षण के दौरान नई खोली गई कुछ फाइलों पर विषय आदि केवल अंग्रेजी में लिखे गए हैं। राधि ने उपस्थित सभी प्रधान विभागाध्यक्षों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने विभाग के लिए अपने हस्ताक्षऱ से इस आशय का पत्र जारी करें तो यह ज्यादा कारगार सिद्ध होगा।

    (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

        143.4  रबड़ की मोहरें/धातु सीलें/नामपट्ट/सूचना बोर्ड तथा दीवारों/फर्नीचरों/उपकरणों आदि पर द्विभाषी  

           अंकन

चिरेका के सभी विभागों में प्रयुक्त रबड़ की मोहरें/धातु सीलें द्विभाषी हैं। नाम पट्ट/सूचना बोर्ड  त्रिभाषी हैं तथा दीवारों/ फर्नीचर/उपकरणों आदि पर अंकन द्विभाषी हैं। राधि ने बताया कि चित्तरंजन नगरी में कुछ बोर्डों में हिन्दी की वर्तनी अशुद्ध है। संबंधित अधिकारी से इनमें शीघ्र सुधार करने का अनुरोध किया गया।                                                                             (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

        143.5 हिंदी में प्रशिक्षण

जनवरी-मई, 2020 में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की परीक्षा नवम्बर, 2020 माह में आयोजित की गई। इस सत्र में कुल 28 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जनवरी-मई 2021 सत्र में कुल 94 कर्मचारी प्रशिक्षणाधीन हैं। परंतु लॉक डाउन की वजह से मई, 2021 में परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। आशा है इस सत्र की परीक्षा नवम्बर, 2021 सत्र के साथ होगी। हिन्दी टंकण में प्रशिक्षणाधीन कर्मचारी भी लॉक डाउन की वजह से फॉर्म नहीं भर पाए हैं। परिस्थितियां अनुकूल होने पर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

      (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/राधि/ नामित अधिकारी)

          143.6   छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करना.

राधि ने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार  पास/पीटीओ हेतु आवेदन ऑन-लाइन किया जाना है। फिलहाल एच आर एम एस में यह व्यवस्था केवल अंग्रेजी में है। हिंदी भाषा में यह शुरू किए जाने पर फॉर्म ऑन-लाइन हिंदी में भी भरे जाएंगे। कार्मिक विभाग द्वारा चिरेका में जारी किए जाने वाले कार्ड पास हिन्दी में जारी किए जा रहे हैं।                                                  (कार्रवाई – प्रमुकाधि, उप मुकाधि/कारखाना, संपर्क अधिकारी)            

143. वेबसाइट 

राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त वेबसाइट विषयक सामग्री का अनुवाद हिंदी में किया जाता है। राधि ने कहा कि सभी विभाग अपने विभाग की वेबसाइट के द्विभाषीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। अगर किसी विभाग की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है तो उसके अनुवाद हेतु राजभाषा विभाग से सहायता ली जाए।   

  (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/संपर्क अधिकारी)

         143.8   पुस्तकालय

चिरेका में कुल 13 हिंदी पुस्तकालय अवस्थित हैं। इनके अलावा प्रशासन भवन में एक सामान्य पुस्तकालय सुचारू ढंग  चलाया जा रहा है। इस पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं।  सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभाग में स्थित पुस्तकालयों का अधिकाधिक लाभ उठाने का अनुरोध किया गया।                                                                                                                                                                                                  ( कार्रवाई - संबंधित विभाग )

 

       143.भर्ती/विभागीय परीक्षाओं में हिंदी का वैकल्पिक माध्यम

रेलवे बोर्ड के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में पूर्णांक का 10% प्रश्न राजभाषा संबंधी होना चाहिए। साथ ही भर्ती विभागीय परीक्षाओं में हिंदी के वैकल्पिक माध्यम की सुविधा अवश्य होनी चाहिए। इन सबका पूर्ण तरीके से पालन किया जाता है। सभी अधिकारियों को राजभाषा विषयक प्रश्नों की एक प्रश्नावली उत्तर के साथ पहले ही उपलब्ध करवाई गई है।

                                                                                     (कार्रवाई - सभी संपर्क अधिकारी)

      143.10  प्रोत्साहन  योजनाएं

चिरेका में लागू प्रोत्साहन योजनाओं का सभी को लाभ उठाने पर बल दिया गया। प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी समय-समय पर जारी की जाती है।                                          (कार्रवाई - सभी संपर्क अधिकारी)

       143.11  राजभाषा विभाग द्वारा आगामी दिनों के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है जो इस प्रकार है –

              क) विभिन्न कार्यालयों / विभागों में राजभाषा विषयक निरीक्षण करना।

     ख) चिरेका में अधिकतर कार्य हिंदी में करने वाले 01 कर्मचारी का नाम नराकास व्यक्तिगत  

                   पुरस्कार हेतु भेजा जाना।                                                                                    

               ग) किसी मूर्धन्य साहित्यकार / कवि की जयंती मनाना।

143.11  महाप्रबंधक का संबोधन 

महाप्रबंधक महोदय ने अपने अभिभाषण में सर्वप्रथम चिरेका को हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने पर रेलवे बोर्ड द्वारा प्रथम स्थान दिए जाने पर सभी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पुरस्कार हमेशा सभी को प्रोत्साहित करते हैं। इससे हमारे अंदर हिंदी में काम करने के प्रति और अधिक जागरुकता बढ़ेगी। भारत में हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो अधिक से अधिक लोगों को आपस में जोड़ती है। इसलिए इसकी महत्ता को बनाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेवारी है। हिंदी के उन्नयन को बढ़ाने के लिए हम सबको हिंदी की सहजता, सरलता, सुगमता और एकरूपता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

          अध्यक्ष महोदय ने सभी सदस्यों से कहा कि राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय ने हिंदी में कार्य करने के लिए जो लक्ष्य दिए हैं, उन्हें चिरेका प्राप्त कर चुका है। इसलिए हम सभी को प्रयत्न करना चाहिए कि हर मद हेतु निर्धारित 55% के लक्ष्य से आगे बढ़कर हम कम से कम 75% तक के लक्ष्य को प्राप्त करें।

                        इसके बाद राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई।

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चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दिनांक 22.03.2021 को आयोजित 143वीं बैठक का कार्यवृत्त

 

महाप्रबंधक/चिरेका की अध्यक्षता में चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 143वीं बैठक दिनांक 22.03.2021 को 12.00 बजे प्रशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में महाप्रबंधक महोदय के अलावा केवल प्रधान विभागाध्यक्षों ने ही भाग लिया। शेष अधिकारियों ने विडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। राजभाषा अधिकारी डॉ. मधुसूदन दत्त ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की।

      143.1   मुराधि का संबोधन

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री रवि शेखर सिन्हा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों का आयोजन तिमाही में राजभाषा की प्रगति तथा इसके प्रयोग प्रसार में गति लाने के उपायों पर विचार विमर्श करने के लिए किया जाता है। चिरेका के ग क्षेत्र में होने के बावजूद राजभाषा का प्रयोग अच्छी गति से हो रहा है और हमें गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्धारित लक्ष्यों को हमेशा बनाए रखने के लिए दैनिक कार्यालयी कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को और भी बढ़ावा देना होगा। भारत के हर कोने में हिन्दी को पुष्पित एवं पल्लवित करने में भारतीय रेल की अहम भूमिका है। उन्होंने सभी सदस्यों को राजभाषा के प्रयोग को अधिक से अधिक क्षेत्रों में बढ़ाने का अनुरोध किया।

       143.2    निर्धारित प्रयोजनों में हिंदी-अंग्रेजी का प्रयोग

143.2.1  धारा 3(3) का अनुपालन

सितम्बर, 20 एवं दिसम्बर, 20 की तिमाही के दौरान क्रमशः  2281 एवं 2713 प्रलेख जारी किए गए जो सभी द्विभाषी में थे । निष्पादन प्रतिशत 100% रहा है। सभी सदस्यों से इस लक्ष्य को बनाए रखने का अनुरोध किया गया।        

(कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/ नामित अधिकारी)

       143.2.2  हिंदी  में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में

 

सितम्बर, 20 तिमाही में कुल 216 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें 112 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया, शेष 104 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। इसी प्रकार दिसम्बर, 20 तिमाही में कुल 166 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें से 56 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 110 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। राधि ने कहा कि हिंदी में प्राप्त पत्रों का हिंदी में उत्तर देने का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त है। इस लक्ष्य को बनाए रखने के लिए सभी विभाग प्रयास जारी रखेंगे ।

                                                       (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

143.2.3  मूल पत्राचार

 

चिरेका "ग" क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। हिंदी में मूल पत्राचार का लक्ष्य 55% है। राधि ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि सितम्बर और दिसम्बर तिमाही में हमने लक्ष्य के अनुसार पत्राचार किया है, तथापि सभी से अनुरोध किया जाता है कि अधिक से अधिक मूल पत्राचार हिन्दी में करने का यथासंभव प्रयास किया जाए।

                         (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

 

       143.3  रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष / फाइल कवरों पर विषय आदि

 

चिरेका के विभागों में प्रयुक्त रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष /फाइल कवरों पर विषय आदि  द्विभाषी में हैं । राधि ने बताया कि राजभाषा निरीक्षण के दौरान नई खोली गई कुछ फाइलों पर विषय आदि केवल अंग्रेजी में लिखे गए हैं, अनुरोध है कि इस ओर विशेष ध्यान दिया जाए और नई खोले जाने वाली फाइलों परर विषय आदि प्रारंभ में ही द्विभाषी रूप में लिख दिया जाए। राधि ने सभी प्रधान विभागाध्यक्षों से अनुरोध किया कि यदि वे अपने विभाग को अपने हस्ताक्षर से इस आशय का पत्र जारी करते हैं तो ये काफी प्रेरक होगा।                                            

    (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

 

         143.4  रबड़ की मोहरें/धातु सीलें/नामपट्ट/सूचना बोर्ड तथा दीवारों/फर्नीचरों/उपकरणों आदि पर द्विभाषी  

           अंकन

 

चिरेका के सभी विभागों में प्रयुक्त रबड़ की मोहरें/धातु सीलें द्विभाषी हैं। नाम पट्ट/सूचना बोर्ड  त्रिभाषी हैं तथा दीवारों/ फर्नीचर/उपकरणों आदि पर अंकन द्विभाषी हैं। राधि ने बताया कि चित्तरंजन नगरी में कुछ बोर्डों में हिन्दी की वर्तनी अशुद्ध है। संबंधित अधिकारी से इनमें शीघ्र सुधार करने का अनुरोध किया गया।                                                                                      

    (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

                                           

         143.5 हिंदी में प्रशिक्षण

जनवरी-मई, 2020 में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की परीक्षा नवम्बर, 20 माह में आयोजित की गई। इस सत्र में कुल 28 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जनवरी-मई 2021 सत्र में कुल 94 कर्मचारी प्रशिक्षणाधीन हैं। हिन्दी टंकण में प्रशिक्षणाधीन कर्मचारी भी लॉक डाउन की वजह से फॉर्म नहीं भर पाए हैं। परिस्थितियां अनुकूल होने पर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

      (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/राधि/ नामित अधिकारी)

         143.6   छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करना.

 

राधि ने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार  पास/पीटीओ हेतु आवेदन ऑन-लाइन किया जाना है। फिलहाल एच आर एम एस में यह व्यवस्था केवल अंग्रेजी में है। हिंदी भाषा में यह शुरू किए जाने पर फॉर्म ऑन-लाइन हिंदी में भी भरे जाएंगे। कारखाना कार्यालय, भंडार कार्यालय एवं महाप्रबंधक कार्य़ालय में ड्यूटी पास हिंदी में जारी किए जाते हैं। कार्मिक विभाग द्वारा चिरेका में जारी किए जाने वाले कार्ड पास हिन्दी में जारी किए जा रहे हैं।                                                                            (कार्रवाई – प्रमुकाधि, उप मुकाधि/कारखाना, संपर्क अधिकारी)

       143.7 वेबसाइट

राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त वेबसाइट विषयक सामग्री का अनुवाद हिंदी में किया जाता है। राधि ने कहा कि सभी विभाग अपने विभाग की वेबसाइट के द्विभाषीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। अगर किसी विभाग की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है तो उसके अनुवाद हेतु राजभाषा विभाग से सहायता ली जाए। 

                                                                               (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/संपर्क अधिकारी)

        143.8   पुस्तकालय

चिरेका में कुल 13 हिंदी पुस्तकालय अवस्थित हैं। इनके अलावा प्रशासन भवन में एक सामान्य पुस्तकालय सुचारू ढंग  चलाया जा रहा है। इस पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं।  सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभाग में स्थित पुस्तकालयों का अधिकाधिक लाभ उठाने का अनुरोध किया गया। आईजी/रेसुबल ने बताया कि सुरक्षा विभाग का हिंदी पुस्तकालय कमरे के अभाव में बंद पड़ा है। इसके लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए। इस पर महाप्रबंधक महोदय ने सुझाव दिया कि यदि किसी बिल्डिंग में एक से अधिक कार्यालय/विभाग हैं तो वहाँ सभी कार्यालय/विभागों के लिए एक ही हिंदी पुस्तकालय होना चाहिए।                                                                                                   ( कार्रवाई - संबंधित विभाग )

 

         143.भर्ती/विभागीय परीक्षाओं में हिंदी का वैकल्पिक माध्यम

रेलवे बोर्ड के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में पूर्णांक का 10% प्रश्न राजभाषा संबंधी होना चाहिए। साथ ही भर्ती विभागीय परीक्षाओं में हिंदी के वैकल्पिक माध्यम की सुविधा अवश्य होनी चाहिए। इन सबका पूर्ण तरीके से पालन किया जाता है। सभी अधिकारियों को राजभाषा विषयक प्रश्नों की एक प्रश्नावली उत्तर के साथ पहले ही उपलब्ध करवाई गई है।                                                                                (कार्रवाई - सभी संपर्क अधिकारी)

                                                                                    

        143.10  प्रोत्साहन  योजनाएं

चिरेका में लागू प्रोत्साहन योजनाओं का सभी को लाभ उठाने पर बल दिया गया। प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी समय-समय पर जारी की जाती है।

                                                                                       (कार्रवाई - सभी संपर्क अधिकारी)

 

         143.11  महाप्रबंधक का संबोधन 

 

महाप्रबंधक महोदय ने अपने भा षण में कहा कि राजभाषा को दैनिक कामकाज की भाषा के रूप में आत्मसात करने के लिए हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा। सभी अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करें जिससे राजभाषा की प्रगति को बल मिल सके। चिरेका में राजभाषा का प्रयोग काफी हद तक बढ़ा है परंतु हमें सरकार द्वारा निर्धारित मानकों तक पहुँचकर ही रुक नहीं जाना है बल्कि उच्चतम शिखर पर पहुँचकर उस स्थिति को बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयास करते रहना है।

महाप्रबंधक महोदय ने निम्नलिखित सुझाव दिए :-

  1. जिन विभाग/कार्यालय से मूल पत्राचार में आंकड़े शून्य दर्शाए जाते हैं, उनका निरीक्षण कर स्थिति में सुधार लाने का प्रयत्न किया जाए।
  2. सभी विभाग अपनी वेबसाइट को द्विभाषी करें।
  3. सभी अधिकारी अपने विभाग/कार्यालयों का निरीक्षण करते वक्त वहाँ राजभाषा की प्रगति का भी निरीक्षण करें।

    इसके बाद राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई।

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चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दिनांक 21.12.2020 को आयोजित 142वीं बैठक का कार्यवृत्त

महाप्रबंधक/चिरेका की अध्यक्षता में चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 142वीं बैठक दिनांक 21.12.2020 को 11.00 बजे प्रशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में महाप्रबंधक महोदय के अलावा केवल प्रधान विभागाध्यक्षों ने ही भाग लिया। शेष अधिकारियों ने विडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। राजभाषा अधिकारी डॉ. मधुसूदन दत्त ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया और कार्यवाही प्रारंभ की।

142.1   मुराधि का संबोधन                              

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार श्री रविज सेठ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विकसित देशों ने आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी में प्रगति अपनी भाषा के माध्यम से ही की है। हमें भी अपना अधिकतर सरकारी काम-काज राजभाषा हिन्दी में ही करना चाहिए। हिन्दी में कार्य करने के लिए हमें शब्दों के कारण अटकना नहीं है बल्कि सरल से सरल हिन्दी का प्रयोग करना है। साथ ही आज के इस प्रगतिशील युग में हमें ई-ऑफिस के माध्यम से डिजीटल वर्किंग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सभी से समय की मांग को देखते हुए डिजीटल वर्किंग के माध्यम से हिन्दी का अधिकाधिक उपयोग करने पर बल दिया।

 

142.2    निर्धारित प्रयोजनों में हिंदी-अंग्रेजी का प्रयोग

142.2.1  धारा 3(3) का अनुपालन

जून, 20 एवं सितम्बर, 20 की तिमाही के दौरान क्रमशः 1234 एवं 2281 प्रलेख द्विभाषी में जारी किए गए । निष्पादन प्रतिशत 100% रहा है। राधि ने कहा कि आगे भी द्विभाषी दस्तावेजों के निष्पादन का यह प्रतिशत बनाए रखा जाए ।                                                       (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/ नामित अधिकारी)

142.2.2  हिंदी  में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में

जून, 20 तिमाही में कुल 134 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें 44 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 90 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। इसी प्रकार सितम्बर, 20 तिमाही में कुल 199 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें से 96 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 103 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। राधि ने कहा कि हिंदी में प्राप्त पत्रों का हिंदी में उत्तर देने का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त है। आशा है इस लक्ष्य को बनाए रखने के लिए सभी विभाग प्रयास जारी रखेंगे ।                 (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

142.2.3  मूल पत्राचार

चिरेका "ग" क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। हिंदी में मूल पत्राचार का लक्ष्य 55% है। राधि ने कहा कि सितम्बर में समाप्त तिमाही में हमने लक्ष्य से कुछ अधिक पत्राचार किया है, फिर भी सभी से अनुरोध किया जाता है कि अधिक से अधिक मूल पत्राचार हिन्दी में करने का यथासंभव प्रयास किया जाए।

                                (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

 

142.3  रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष / फाइल कवरों पर विषय आदि

 

चिरेका के विभागों में प्रयुक्त रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष/फाइल कवरों पर विषय आदि शत-प्रतिशत द्विभाषी में हैं । राधि ने सुझाव दिया कि जब भी कोई नई फाइल खोली जाए तो उस पर विषय आदि प्रारंभ में ही द्विभाषी रूप में लिख दिया जाए।                                            

                                        (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

 

142.4  रबड़ की मोहरें/धातु सीलें/नामपट्ट/सूचना बोर्ड तथा दीवारों/फर्नीचरों/उपकरणों आदि पर द्विभाषी  

           अंकन

चिरेका के सभी विभागों में प्रयुक्त रबड़ की मोहरें/धातु सीलें द्विभाषी हैं। नाम पट्ट/सूचना बोर्ड  त्रिभाषी हैं तथा दीवारों/ फर्नीचर/उपकरणों आदि पर अंकन द्विभाषी हैं। राधि ने बताया कि चित्तरंजन नगरी में कुछ बोर्डों में हिन्दी की वर्तनी अशुद्ध है। अध्यक्ष महोदय ने इनमें शीघ्र सुधार करने का निदेश दिया। 

                      (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

                                           

142.5 हिंदी में प्रशिक्षण

जनवरी-जून, 2020 में कुल 75 ( प्रवीण-54, प्राज्ञ-20 एवं पारंगत-01 ) कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। लॉक डाउन की वजह से सभी प्रशिक्षण स्थगित थे। मई माह में आयोजित होने वाली परीक्षा नहीं हो पाई है जिसके कारण वर्तमान सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मचारी परीक्षा नहीं दे पाए थे।  नवम्बर, 2020 माह में इन कर्मचारियों की परीक्षा आयोजित की गई। इसी प्रकार हिन्दी टंकण में प्रशिक्षणाधीन कर्मचारी भी लॉक डाउन की वजह से फॉर्म नहीं भर पाए हैं। परिस्थितियां अनुकूल होने पर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

                                (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/राधि/ नामित अधिकारी)

142.6   छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करना.

 

राधि ने कहा कि छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया जाता है। कारखाना कार्यालय, भंडार कार्यालय एवं महाप्रबंधक कार्य़ालय में ड्यूटी पास हिंदी में जारी किए जाते हैं। कार्मिक विभाग द्वारा चिरेका में जारी किए जाने वाले कार्ड पास हिन्दी में जारी किए जा रहे हैं।                                                                                      (कार्रवाई – प्रमुकाधि, उप मुकाधि/कारखाना, संपर्क अधिकारी)

142.7 वेबसाइट

राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त वेबसाइट विषयक सामग्री का अनुवाद हिंदी में किया जाता है। राधि ने कहा कि सभी विभाग अपने विभाग की वेबसाइट के द्विभाषीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। अगर किसी विभाग की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है तो उसके अनुवाद हेतु राजभाषा विभाग से सहायता ली जाए।

                            (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/संपर्क अधिकारी)

142.8   पुस्तकालय

चिरेका में कुल 13 हिंदी पुस्तकालय अवस्थित हैं। इनके अलावा प्रशासन भवन में एक सामान्य पुस्तकालय कार्यरत है जिसमें हिन्दी के अलावा, बंगला एवं अंग्रेजी पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। इस पुस्तकालय को 11.30 मिनट से 18.30 बजे तक खोला जा रहा है ताकि चिरेका में कार्यरत विभिन्न भाषा-भाषी कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य इसका लाभ उठा सकें। राधि ने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभाग में स्थित पुस्तकालयों का अधिकाधिक लाभ उठाने का अनुरोध किया।                                              ( कार्रवाईः संबंधित विभाग )

142.भर्ती/विभागीय परीक्षाओं में हिंदी का वैकल्पिक माध्यम

रेलवे बोर्ड के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में पूर्णांक का 10% प्रश्न राजभाषा संबंधी होना चाहिए। साथ ही भर्ती विभागीय परीक्षाओं में हिंदी के वैकल्पिक माध्यम की सुविधा अवश्य होनी चाहिए। इन सबका पूर्ण तरीके से पालन किया जाता है। सभी अधिकारियों को राजभाषा विषयक प्रश्नों की एक प्रश्नावली उत्तर के साथ पहले ही उपलब्ध करवाई गई है।                                                                             (कार्रवाई – सभी संपर्क अधिकारी)

142.10  प्रोत्साहन  योजनाएं

राधि ने चिरेका में लागू प्रोत्साहन योजनाओं का सभी को लाभ उठाने पर बल दिया। प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी समय-समय पर जारी की जाती है।    (कार्रवाई – सभी संपर्क अधिकारी)

          142.11  महाप्रबंधक का संबोधन 

महाप्रबंधक महोदय ने अपने संबोधन भाषण में चिरेका के ग क्षेत्र में होने के बावजूद राजभाषा प्रयोग-प्रसार के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजभाषा प्रयोग-प्रसार के लिए हमने बहुत कुछ किया है तथापि राजभाषा को पूर्ण रूप से अपनाने का सपना साकार करने के लिए अभी काफी फासला तय करना बाकी है। हम सबका कर्तव्य है कि राजभाषा प्रयोग-प्रसार के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम एकजुटता से कार्य करें। हमें कर्मचारियों को हिन्दी में अधिक से अधिक कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।

महाप्रबंधक महोदय ने निम्नलिखित सुझाव दिए :-

  1. ऑन-लाइन पुस्तकालय बनाने हेतु प्रयास किए जाएं जिससे पुस्तक को कंप्यूटर पर ऑन-लाइन खोलकर पढ़ा जा सकता है।
  2. चिरेका में सभी कंप्यूटरों में हिन्दी में काम करने की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
  3. ई-ऑफिस के माध्यम से हिन्दी में काम करने की संभावनाओं को देखा जाए। यदि ऐसा हो सकता है तो दौरा कार्यक्रम, छुट्टी आदि का आवेदन इसके माध्यम से किया जाए।
  4. प्रत्येक तिमाही में हिन्दी में प्रशंसनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को ई-प्रमाण-पत्र देने पर विचार किया जाए।
  5. हिन्दी में प्रशंसनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों के नाम, प्रमाण-पत्र आदि को चिरेका काऱखाना से अंदर-बाहर निकलने वाले गेट पर रोलिंग डिस्प्ले बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाए। 
  6. चिरेका कारखाना तथा चित्तरंजन नगरी में प्रदर्शित सूचना, नाम बोर्डों को सही वर्तनी के साथ द्विभाषी रूप में प्रदर्शित किया जाए।          

    इसके बाद राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई।

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चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दिनांक 09.09.2020 को आयोजित 141वीं बैठक का कार्यवृत्त

 

महाप्रबंधक/चिरेका की अध्यक्षता में चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 141वीं बैठक दिनांक 09.09.2020 को 12.00 बजे प्रशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में महाप्रबंधक महोदय के अलावा केवल प्रधान विभागाध्यक्षों ने ही भाग लिया। शेष अधिकारियों ने विडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। राजभाषा अधिकारी डॉ. मधुसूदन दत्त ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया और कार्यवाही प्रारंभ की।

सर्वप्रथम महाप्रबंधक ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा दीप प्रज्वलित कर राजभाषा पखवाड़ा 2020-21 का शुभारंभ किया।

141.1   मुराधि का संबोधन                              

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार श्री रविज सेठ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चिरेका में आज से राजभाषा पखवाड़ा 2020-21 का शुभारंभ हो रहा है। 14 सितम्बर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इस दिन संविधान सभा द्वारा हिन्दी को राजभाषा के रूप में अपनाए जाने की बात दोहराई।  साथ ही उन्होंने आसनसोल-बर्नपुर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का सदस्य बनने के बाद चिरेका की ओर से प्रथम बार बैठक में भाग लेने के बारे में जानकारी दी तथा इस बैठक में राजभाषा विषयक गतिविधियों के निष्पादन की दृष्टि से प्रथम 05 सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की तैयार की गई सूची में चिरेका के प्रथम स्थान पर होने के बारे में समिति को बताया। सभी सदस्यों ने इस पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। मुराधि ने सभी से राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं तथा कार्यक्रमों में भाग लेने का अनुरोध किया।

141.2    निर्धारित प्रयोजनों में हिंदी-अंग्रेजी का प्रयोग

141.2.1  धारा 3(3) का अनुपालन

मार्च, 20 एवं जून, 20 की तिमाही के दौरान क्रमशः 1502 एवं 1234 प्रलेख द्विभाषी में जारी किए गए । निष्पादन प्रतिशत 100% रहा है । राधि ने कहा कि आगे भी द्विभाषी दस्तावेजों के निष्पादन का यह प्रतिशत बनाए रखा जाए ।  (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/ नामित अधिकारी)    

 141.2.2  हिंदी  में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में

मार्च, 20 तिमाही में कुल 248 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें से 90 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 158 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। इसी प्रकार जून ,20 तिमाही में कुल 134 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें 44 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 90 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। राधि ने कहा कि हिंदी में प्राप्त पत्रों का हिंदी में उत्तर देने का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त है। आशा है इस लक्ष्य को बनाए रखने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा ।

                                                    (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

141.2.3  मूल पत्राचार

चिरेका "ग" क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। हिंदी में मूल पत्राचार का लक्ष्य 55% है। राधि ने कहा कि मार्च में समाप्त तिमाही में हमने लक्ष्य से कुछ अधिक पत्राचार किया है, फिर भी सभी से अनुरोध किया जाता है कि इस मद में और अधिक सुधार करने का यथासंभव प्रयास किया जाए।

                    (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

141.3   रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष / फाइल कवरों पर विषय आदि

चिरेका के विभागों में प्रयुक्त रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष /फाइल कवरों पर विषय आदि शत-प्रतिशत द्विभाषी में हैं । राधि ने कहा कि जब भी कोई नई फाइल खोली जाए तो उस पर विषय आदि प्रारंभ में ही द्विभाषी रूप में लिख दिया जाए। (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)                                     

141.4    रबड़ की मोहरें/धातु सीलें/नामपट्ट/सूचना बोर्ड तथा दीवारों/फर्नीचरों/उपकरणों आदि पर द्विभाषी अंकन

चिरेका के सभी विभागों में प्रयुक्त रबड़ की मोहरें/धातु सीलें द्विभाषी हैं। नाम पट्ट/सूचना बोर्ड  त्रिभाषी हैं तथा दीवारों/ फर्नीचर/उपकरणों आदि पर अंकन द्विभाषी हैं।                                                      

141.5    हिंदी में प्रशिक्षण

वर्तमान सत्र जनवरी-जून, 2020 में कुल 75 ( प्रवीण-54, प्राज्ञ-20 एवं पारंगत-01 ) कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। लॉक डाउन की वजह से सभी प्रशिक्षण अभी तक स्थगित हैं। मई माह में आयोजित होने वाली परीक्षा नहीं हो पाई है जिसके कारण वर्तमान सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मचारी परीक्षा नहीं दे पाए हैं।  इसी प्रकार हिन्दी टंकण में प्रशिक्षणाधीन कर्मचारी भी लॉक डाउन की वजह से फॉर्म नहीं भर पाए हैं। परिस्थितियां अकूल होने पर इन सबके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

 (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/राधि/ नामित अधिकारी)

141.6   छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करना.

राधि ने कहा कि छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया जाता है। कारखाना कार्यालय, भंडार कार्यालय एवं महाप्रबंधक कार्य़ालय में ड्यूटी पास हिंदी में जारी किए जाते हैं। कार्मिक विभाग द्वारा चिरेका में जारी किए जाने वाले कार्ड पास हिन्दी में जारी किए जाने का कार्य प्रारंभ किया गया है।                         (कार्रवाई – प्रमुकाधि, उप मुकाधि/कारखाना, संपर्क अधिकारी)

  1. वेबसाइट

राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त वेबसाइट विषयक सामग्री का अनुवाद हिंदी में किया जाता है । राधि ने कहा कि सभी विभाग अपने विभाग की वेबसाइट के द्विभाषीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। अगर किसी विभाग की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है तो उसके अनुवाद हेतु राजभाषा विभाग से सहायता ली जाए।

  (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/संपर्क अधिकारी)

141.8   पुस्तकालय

चिरेका में कुल 14 हिंदी पुस्तकालय अवस्थित हैं। महाप्रबंधक के निदेशानुसार प्रशासन भवन स्थित तुलसीदास हिन्दी पुस्तकालय को सामान्य पुस्तकालय में परिवर्तित कर दिया गया है तथा अब यह पुस्तकालय उप महाप्रबंधक के अधीन (स्वामित्व में) है। इसमें हिन्दी के अलावा, बंगला एवं अंग्रेजी पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। इस पुस्तकालय को 11.30 मिनट से 18.30 बजे तक खोला जा रहा है ताकि चिरेका में कार्यरत विभिन्न भाषा-भाषी कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य इसका लाभ उठा सकें। राधि ने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभाग में स्थित पुस्तकालयों पर अधिक ध्यान देने पर बल दिया।    ( कार्रवाईः संबंधित विभाग )           

141.भर्ती/विभागीय परीक्षाओं में हिंदी का वैकल्पिक माध्यम

रेलवे बोर्ड के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में पूर्णांक का 10% प्रश्न राजभाषा संबंधी होना चाहिए। साथ ही भर्ती विभागीय परीक्षाओं में हिंदी के वैकल्पिक माध्यम की सुविधा अवश्य होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि सभी विभागों को राजभाषा विषयक प्रश्नों की एक प्रश्नावली उत्तर के साथ उपलब्ध करवाई गई है।

                                                                                 (कार्रवाई – सभी संपर्क अधिकारी)

141.10  प्रोत्साहन  योजनाएं

राधि ने चिरेका में लागू प्रोत्साहन योजनाओं का सभी को लाभ उठाने पर बल दिया। प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी फिर से सभी अधिकारियों को ई-मेल पर उपलब्ध करवाई गई है।

                                                                              (कार्रवाई – सभी संपर्क अधिकारी)

141.11  महाप्रबंधक का संबोधन 

महाप्रबंधक महोदय ने अपने संबोधन भाषण में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में चिरेका में राजभाषा विषयक गतिविधियों के निष्पादन की दृष्टि से प्रथम 05 सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की सूची में प्रथम स्थान पर होने के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने राजभाषा को लेकर जो सपना देखा था, उसे पूरा करने का दायित्व हम सभी का है। इसे पूरा करने के लिए हमें हिन्दी को अपने कार्य, पत्राचार एवं जन संवाद की भाषा के रूप में अंगीकार करना होगा।

          महाप्रबंधक महोदय ने निदेश दिया कि चिरेका में जितने भी कंप्यूटर उपयोग में लाए जा रहे हैं, उन सभी में हिन्दी में काम करने की सुविधा सुनिश्चित की जाए।। साथ ही कोरोना महामारी के दौरान भी हम सभी को विडियो कॉनफ्रेंसिंग तथा वेबेक्स के माध्यम से काम करना चाहिए।  

            इसके बाद राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई।

चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दिनांक 24.06.2020 को आयोजित 140वीं बैठक का कार्यवृत्त

 

महाप्रबंधक/चिरेका की अध्यक्षता में चिरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 140वीं बैठक दिनांक 24.06.2020 को 12.00 बजे प्रशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में महाप्रबंधक महोदय के अलावा केवल प्रधान विभागाध्यक्षों ने ही भाग लिया। शेष अधिकारियों ने विडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। राजभाषा अधिकारी डॉ. मधुसूदन दत्त ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया और कार्यवाही प्रारंभ की।

उक्त बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक महोदय ने पिछली तिमाही के दौरान हिंदी में प्रशंसनीय काम करने वाले पाँच कर्मचारियों को नक़द पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया। तत्पश्चात् महाप्रबंधक महोदय ने प्रशासन भवन में स्थित हिन्दी पुस्तकालय को परिवर्तित कर बनाए गए सामान्य पुस्तकालय का ई-शुभारंभ किया।

 

140.1   मुराधि का संबोधन

                               

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार श्री रविज सेठ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहाकि कोरोना के कारण हुए लॉक-डाउन के फलस्वरूप अन्य कार्यों के साथ-साथ राजभाषा के कार्यों में भी बाधा आई है। लेकिन हम सब फिर से एक बार अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय हो रहे हैं।  उन्होंने राजभाषा हिन्दी को एकता के सूत्र में जोड़ने वाली भाषा बताते हुए सभी को एक बार फिर से एकजुट होकर इसके प्रयोग प्रसार को बढ़ाने पर बल दिया। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते रहें ताकि चिरेका  में राजभाषा का प्रवाहदोबारानिरंतर गति से आगे बढ़ता रहे।

 

140.2  निर्धारित प्रयोजनों में हिंदी-अंग्रेजी का प्रयोग

140.2.1  धारा 3(3) का अनुपालन

 

दिसम्बर,2019 एवं मार्च’2020 की तिमाही के दौरान क्रमशः 1800 एवं 1502 प्रलेख द्विभाषी में जारी किए गए । निष्पादन प्रतिशत 100% रहा है । राधि ने कहा कि आगे भी द्विभाषी दस्तावेजों के निष्पादन का यहप्रतिशत बनाए रखा जाए ।          (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/ नामित अधिकारी)

 

140.2.2  हिंदी  में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में

 

दिसम्बर,19 तिमाही में कुल 151 पत्र हिंदी में प्राप्त हुएजिनमें 79 पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 72 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे।इसी प्रकार मार्च,20 तिमाही में कुल 248 पत्र हिंदी में प्राप्त हुए जिनमें से 90पत्रों का हिंदी में उत्तर दिया गया। शेष 158 पत्रों के उत्तर अपेक्षित नहीं थे। राधि ने कहा कि हिंदी में प्राप्त पत्रों का हिंदी में उत्तर देने का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त है। आशा है इस लक्ष्य को बनाए रखने काप्रयास आगे भी जारी रहेगा ।                 (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

                

140.2.3  मूल पत्राचार

 

चिरेका "ग" क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। हिंदी में मूल पत्राचार का लक्ष्य 55% है। राधि ने कहा कि मार्च में समाप्त तिमाही में हमने लक्ष्य से कुछ अधिक पत्राचार किया है, फिर भी सभीसे अनुरोध किया जाता है कि इस मद में और अधिक सुधार करने का यथासंभव प्रयास किया जाए।

                                    (कार्रवाई –संबंधित विभागाध्यक्ष /नामित अधिकारी)

140.3रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष / फाइल कवरों पर विषय आदि

 

चिरेका के विभागों में प्रयुक्त रजिस्टरों/डायरियों के शीर्ष /फाइल कवरों पर विषय आदि शत-प्रतिशत द्विभाषी में हैं । राधि ने कहा कि जब भी कोई नई फाइल खोली जाए तो उस पर विषय आदि प्रारंभ में ही द्विभाषी रूप में लिख दिया जाए।(कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/नामित अधिकारी)

 

140.4    रबड़ की मोहरें/धातु सीलें/नामपट्ट/सूचना बोर्ड तथा दीवारों/फर्नीचरों/उपकरणों आदि पर द्विभाषी अंकन

 

चिरेका के सभी विभागों में प्रयुक्त रबड़ की मोहरें/धातु सीलें द्विभाषी हैं। नाम पट्ट/सूचना बोर्ड  त्रिभाषी हैं तथा दीवारों/ फर्नीचर/उपकरणों आदि पर द्विभाषी अंकित हैं।                                                   

 

140.5 हिंदी में प्रशिक्षण

वर्तमान सत्र जनवरी-जून, 2020में कुल 75 ( प्रवीण-54, प्राज्ञ-20 एवं पारंगत-01 ) कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। लॉक डाउन की वजह से मई माह में आयोजित होने वाली परीक्षा स्थगित की गई है जिसके कारण वर्तमान सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मचारी परीक्षा नहीं दे पाए हैं।  मुख्य राजभाषा अधिकारी ने हिन्दी टंकण और हिन्दी आशुलिपि में प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों से अधिक से अधिक काम हिन्दी में लेने पर बल दिया।        

                                                              (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/राधि/ नामित अधिकारी)            

140.6   छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुत करना.

 

राधि ने कहा कि छुट्टी/पास/पीटीओ/अग्रिम आदि के आवेदन हिंदी में प्रस्तुतकरने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया जाता है। कारखाना कार्यालय, भंडार कार्यालय एवं महाप्रबंधक कार्य़ालय में ड्यूटी पास हिंदी में जारी किए जाते हैं। कार्मिक विभाग को निदेश दिया गया है कि चिरेका में जारी किए जाने वाले कार्ड आवश्यक रूप से हिन्दी में या द्विभाषी रूप में जारी किए जाएं।

                                                (कार्रवाई –प्रमुकाधि, उप मुकाधि/कारखाना, संपर्क अधिकारी)

140.7   वेबसाइट

 

राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त वेबसाइट संबंधी विषयों का हिंदी में अनुवाद किया जाता है । राधि ने कहा कि सभी विभाग अपने विभाग की वेबसाइट के द्विभाषीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करें । अगर किसी विभाग की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है तो उसके अनुवाद हेतु राजभाषा विभाग से सहायता ली जाए।

                     (कार्रवाई – संबंधित विभागाध्यक्ष/संपर्क अधिकारी)

140.8 पुस्तकालय

 

चिरेका मेंकुल 14 हिंदी पुस्तकालय अवस्थित हैं। वर्ष 2019-20 के लिए नई पुस्तकों की खरीद हेतु प्रक्रिया जारी है। महाप्रबंधक महोदय के निदेशानुसार प्रशासन भवन में स्थित हिन्दी पुस्तकालय को सामान्य पुस्तकालय के रूप में परिवर्तित किया गया है। इसमें हिन्दी के अलावा, बंगला एवं अंग्रेजी पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं। इस पुस्तकालय को 11.30 मिनट से 18.30 बजे तक खोला जा रहा है ताकि चिरेका में कार्यरत विभिन्न भाषा-भाषी कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य इसका लाभ उठा सकें। साथ ही राधि ने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभाग में स्थित पुस्तकालयों पर अधिक ध्यान देने पर बल दिया।                                   

( कार्रवाईः उप महाप्रबंधक )

 

140.9  भर्ती/विभागीय परीक्षाओं में हिंदी का वैकल्पिक माध्यम

 

रेलवे बोर्ड के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में पूर्णांक का 10% प्रश्न राजभाषा संबंधी होना चाहिए।साथ ही भर्ती विभागीय परीक्षाओं में हिंदी के वैकल्पिक माध्यम की सुविधा अवश्य होनी चाहिए। महाप्रबंधक महोदय के आदेशानुसार राजभाषा से संबंधित प्रश्नों का एक प्रश्न बैंक बनाकर सभी अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिया गया है।

                                                                                    (कार्रवाई –सभी संपर्क अधिकारी)

 

 

140.10  प्रोत्साहन  योजनाएं

 

राधि ने चिरेका में लागू प्रोत्साहन योजनाओं का सभी को लाभ उठाने पर बल दिया। महाप्रबंधक महोदय के आदेशानुसार प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी फिर से सभी अधिकारियों को उपलब्ध करवाई गई है।

                                                                                              (कार्रवाई –सभी संपर्क अधिकारी)

 

140.12  महाप्रबंधक का संबोधन

 

महाप्रबंधक महोदय ने अपने संबोधन भाषण में राजभाषा हिन्दी का व्यापक प्रयोग प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि सराकर की कल्याणकारी योजनाएं तभी प्रभावी बन सकती है जब उनकी जानकारी आम जन तक उनकी भाषा में पहुँचे और यह भाषा हिन्दी ही है। इसलिए हम सबका यह नैतिक दायित्व है कि राजभाषा की गरिमा को बनाए रखते हुए हम सब अपना योगदान निरंतर बनाए रखें। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस को अपनाने पर विशेष बल दिया। महाप्रबंधक महोदय द्वारा निम्न सुझाव/निर्देश दिए गए :-

1.    सभी पुस्तकालयों में उपलब्ध हिन्दी पुस्तकों की सूची राजभाषा के वेबसाइट पर डाली जाए।

2.    प्रकाशकों से ई-पुस्तकों के बारे में जानकारी ली जाए। यदि ई-पुस्तकें उपलब्ध होती हैं तो इन्हें भी पुस्तकालयों में रखा जाए।

3.    पुस्तकालयों में हर सप्ताह कितनी पुस्तकें एवं पत्रिकाएं जारी होती हैं, इसका विवरण रखा जाए।

4.    अधिकारी क्लब में उपलब्ध हिन्दी पुस्तकालय का कार्य देखने के लिए एक अंशकालिक पुस्तकाध्यक्ष बनाया जाए।

5.    राकास की अगली बैठक में सभी विभाग हिन्दी में 05 मिनट की एक प्रस्तुति देंगे।

 

इसके बाद राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई।

 



Source : Welcome to CLW Official Website ! CMS Team Last Reviewed on: 30-07-2021  

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